यह जानकारी सामान्य है, इलाज के लिए डॉक्टर से मिलें।
चूहा काटने पर पहले उससे दूर सुरक्षित जगह जाएँ। उसे पकड़ने या मारने की कोशिश में दोबारा काटने का खतरा न लें। घाव छोटा दिखे तब भी सफाई और उसी दिन डॉक्टर की जाँच ज़रूरी है। घर पर प्राथमिक सहायता शुरू करें, लेकिन उसे पूरा इलाज समझकर अगले दिन तक इंतज़ार न करें।
काटने का समय और जगह याद रखें। बच्चे को काटा हो तो कोई बड़ा उसके साथ रहे और दूसरे व्यक्ति से अस्पताल जाने की व्यवस्था करने को कहे। बहुत खून बह रहा हो, घाव गहरा हो या हाथ की गति प्रभावित हो तो प्राथमिक सहायता करते हुए तत्काल अस्पताल पहुँचें।
1. साबुन और बहते पानी से धोएँ
घाव को तुरंत साबुन और साफ बहते पानी से कम से कम 5–10 मिनट अच्छी तरह धोएँ। संभव हो तो 15 मिनट तक सफाई जारी रखें; भारतीय animal-bite मार्गदर्शन लंबी धुलाई पर ज़ोर देता है। पानी घाव पर बहने दें। ज़ोर से रगड़ना, काटना या घाव को और खोलना ठीक नहीं है।
रसोई का बर्तन या गंदा कपड़ा घाव पर न लगाएँ। साफ पानी उपलब्ध न हो तो सबसे नज़दीकी सुरक्षित पानी की व्यवस्था करें और चिकित्सा सहायता में देरी न करें। खून लगातार बह रहा हो तो साफ कपड़े या gauze से सीधा हल्का दबाव दें और आपात सहायता लें।
2. उपयुक्त antiseptic और साफ पट्टी लगाएँ
धोने के बाद घाव पर उपयोग के लिए उपयुक्त antiseptic उसके निर्देश के अनुसार लगाएँ। तेज़ सफाई वाला रसायन, फर्श का disinfectant या बिना निर्देश के मिला हुआ घोल इस्तेमाल न करें। साफ dressing से ढकें। पट्टी इतनी कसकर न बाँधें कि उँगलियाँ ठंडी पड़ें या सुन्न महसूस हों।
हल्दी, चूना, तेल, मिट्टी, टूथपेस्ट या घरेलू पेस्ट न लगाएँ। घाव चूसना या जलाना भी नुकसान पहुँचा सकता है। गीली या गंदी पट्टी बदलें और हाथ साफ रखें। घाव को घर पर गोंद से बंद करने या सिलाई जैसी कोशिश न करें; डॉक्टर को उसे ठीक से देखने दें।
3. उसी दिन डॉक्टर से मिलें
डॉक्टर घाव की गहराई, जगह, सफाई और आपकी सेहत के आधार पर आगे की देखभाल बताएँगे। टिटनेस का टीका कब लगा था, उसका रिकॉर्ड हो तो साथ ले जाएँ। रिकॉर्ड न मिले तब भी जाना न टालें। मधुमेह, कम प्रतिरोधक क्षमता, गर्भावस्था या दवा की allergy के बारे में बताएँ।
Antibiotic की ज़रूरत, दवा और अवधि डॉक्टर तय करें। किसी की बची हुई गोलियाँ या दुकान से खुद चुनी दवा न शुरू करें। दर्द कम होना या घाव का ऊपर से बंद दिखना संक्रमण न होने का प्रमाण नहीं है। डॉक्टर ने दोबारा दिखाने का समय दिया हो तो उस पर जाएँ।
4. टीके का फैसला डॉक्टर को करने दें
चूहों से रेबीज़ दुर्लभ है। भारत की NCDC गाइडलाइन घरेलू rodents के संपर्क को अलग तरह से देखती है। फिर भी घटना का आकलन डॉक्टर करें और तय करें कि किसी टीके की ज़रूरत है या नहीं। इंटरनेट पढ़कर चिकित्सा जाँच छोड़ने का फैसला न लें।
डॉक्टर को बताएँ कि जानवर जंगली था या पालतू, काटना कहाँ हुआ और किस तरह का संपर्क था। उसे पकड़कर अस्पताल लाने की कोशिश न करें। सुरक्षित दूरी से मिली जानकारी पर्याप्त हो सकती है। यदि किसी दूसरे जानवर ने भी काटा या खरोंचा था, तो वह बात अलग से बताएँ।
| स्थिति | कदम |
|---|---|
| त्वचा टूटी, घाव छोटा दिखता है | धोएँ, साफ dressing लगाएँ, उसी दिन डॉक्टर |
| गहरा घाव या खून नहीं रुकता | साफ कपड़े से दबाव और तुरंत अस्पताल |
| बढ़ती लालिमा, सूजन, पस या दर्द | तुरंत दोबारा चिकित्सकीय जाँच |
| बाद में बुखार, चकत्ते या जोड़ों में दर्द | काटने की तारीख बताकर जल्दी डॉक्टर से मिलें |
5. अगले दिनों में नए लक्षण देखें
Rat-bite fever चूहों से जुड़ा जीवाणु संक्रमण है। बाद के दिनों में बुखार, चकत्ते या जोड़ों में दर्द हो तो डॉक्टर को पुराने काटने की बात बताएँ, भले घाव भरता दिखे। CDC की जानकारी इन संकेतों पर चिकित्सा सहायता लेने की सलाह देती है। लक्षण आने का इंतज़ार करके पहली जाँच न टालें।
Leptospirosis का खतरा मुख्य रूप से संक्रमित जानवर के पेशाब से दूषित पानी या मिट्टी के संपर्क से जुड़ा है। यह rat-bite fever से अलग संक्रमण है। बारिश या जलभराव में ऐसे संपर्क की बात भी डॉक्टर को बताएँ। केवल लक्षण पढ़कर बीमारी पहचानने या घर पर दवा चुनने की कोशिश न करें।
घर में दोबारा संपर्क कम करें
परिवार को चूहे की जगह से दूर रखें और खुले खाने को सुरक्षित करें। घोंसला या बीट नंगे हाथ से न उठाएँ और सूखा न झाड़ें। चूहों से जुड़े स्वास्थ्य खतरों की गाइड पढ़ें। कई जगह गतिविधि हो तो पेशेवर सफाई और pest control की मदद लें।
बाद में घर के प्रवेश रास्तों की जाँच करवाएँ, अनाज स्टील के बंद डिब्बों में रखें और रात का कचरा हटाएँ। Deterrent रोकथाम की एक परत हो सकता है; काटने के बाद की चिकित्सकीय देखभाल का विकल्प नहीं। पहली प्राथमिकता घाव धोना और उसी दिन डॉक्टर तक पहुँचना है।
